
सिंगरौली: कलेक्टर श्री बैनल की रात्रि जन चौपाल का असर: महिलाओं के सपनों को मिलेगी नई उड़ान, प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार की परियोजना तैयार!

सिंगरौली: कलेक्टर श्री बैनल की रात्रि जन चौपाल का असर: महिलाओं के सपनों को मिलेगी नई उड़ान, प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार की परियोजना तैयार!
सिलाई, बकरीपालन, मुर्गीपालन के लिए गांव से 100 महिलाओं का चयन।
(जिला ब्यूरो चीफ सिंगरौली अमरेन्द्र शुक्ला )
सिंगरौली: । जिला कलेक्टर गौरव बैनल की ग्राम जीर में आयोजित रात्रि जन चौपाल का सकारात्मक असर सामने आया है। जन चौपाल के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने आजीविका संवर्धन एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में बकरी पालन, मुर्गी पालन एवं सिलाई प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। महिलाओं की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर गौरव बैनल ने उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष पहल करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि ग्राम जीर के पात्र हितग्राहियों का चयन कर उन्हें यूनियन बैंक स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) एवं मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से बकरी पालन, मुर्गी पालन एवं सिलाई संबंधी व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद हितग्राहियों को स्वरोजगार स्थापित करने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन एवं गतिविधि आधारित सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे स्थायी आय अर्जित कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनकी आय में वृद्धि करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए जन चौपाल के माध्यम से उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं का समाधान किया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई यह पहल एक नवाचार एवं अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। इससे न केवल महिलाओं का जीवन स्तर बेहतर होगा, बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
रात्रि जन चौपाल के माध्यम से जिला प्रशासन और ग्रामीण समुदाय के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। ग्राम जीर में शुरू की गई यह पहल महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



